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Best Place to Visit in Chhindwara: छिंदवाड़ा में घूमने की 15 सबसे खूबसूरत जगहें और पूरी गाइड

भागदौड़ भरी जिंदगी, ऑफिस के डेडलाइन्स और शहर के ट्रैफिक के शोर से जब मन ऊबने लगे, तो दिल बस एक ही चीज मांगता है—सुकून, ताजी ठंडी हवा और प्रकृति की गोद।

अक्सर जब लोग मध्य प्रदेश में घूमने की बात करते हैं, तो दिमाग में पचमढ़ी या कान्हा नेशनल पार्क का नाम सबसे पहले आता है। लेकिन सतपुड़ा की हरी-भरी पर्वत श्रृंखलाओं के बीच एक ऐसा छिपा हुआ नगीना भी है, जो अपनी रहस्यमयी गहरी घाटियों, ब्रिटिश काल के हिल स्टेशनों, प्राचीन गोंड किलों और चमत्कारी मंदिरों के लिए सैलानियों का दिल जीत रहा है—हमारा अपना छिंदवाड़ा!

चाहे आप बादलों से घिरे पहाड़ों के बीच सनसेट देखना चाहते हों, दोस्तों के साथ 1500 फीट गहरी पातालकोट घाटी में एडवेंचरस ट्रैकिंग का मजा लेना चाहते हों, या फिर 101 फीट ऊंची विशाल हनुमान प्रतिमा के दर्शन कर मानसिक शांति पाना चाहते हों—छिंदवाड़ा के पास हर तरह के ट्रैवलर के लिए कुछ न कुछ बेहद खास है।

अगर आप भी आने वाले वीकेंड पर ट्रिप प्लान कर रहे हैं और सर्च कर रहे हैं best place to visit in Chhindwara या places to visit near Chhindwara with friends, तो अपनी पैकिंग की तैयारी शुरू कर दीजिए!

इस कम्प्लीट और डिटेल्ड ट्रैवल गाइड में हम आपको रूबरू कराने जा रहे हैं छिंदवाड़ा की टॉप 15 सबसे खूबसूरत जगहों, यहाँ के मशहूर जायके (Famous Food), छिंदवाड़ा किसलिए प्रसिद्ध है, और 2 दिन के एक परफेक्ट ट्रैवल प्लान से। तो चलिए, हमारे साथ सफर शुरू कीजिए सतपुड़ा के इस अनदेखे स्वर्ग का!

Best Place to Visit in Chhindwara

अगर आप किसी सुंदर, शांत और हरी-भरी जगह पर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो best place to visit in Chhindwara की तलाश यहाँ पूरी होती है। सतपुड़ा की पहाड़ियों में बसा छिंदवाड़ा अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, घने जंगलों, प्राचीन किलों और प्रसिद्ध मंदिरों के लिए पूरे मध्य प्रदेश में पहचाना जाता है।

अक्सर लोग सोचते हैं कि छिंदवाड़ा में घूमने के लिए सिर्फ एक-दो जगहें ही होंगी, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। यहाँ रहस्यमयी 1500 फीट गहरी पातालकोट घाटी से लेकर मिनी hill station near chhindwara कहे जाने वाले तामिया हिल्स तक कई शानदार स्पॉट मौजूद हैं। अगर आप दोस्तों के साथ एडवेंचर ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो places to visit in Chhindwara with friends के लिए यहाँ कई बेहतरीन ट्रैकिंग रूट्स, वॉटरफॉल्स और पेंच नेशनल पार्क जैसी वाइल्डलाइफ सफारी उपलब्ध हैं। वहीं धार्मिक यात्रा पसंद करने वालों के लिए chhindwara famous temples में 101 फीट ऊंची प्रतिमा वाला सिमरिया हनुमान मंदिर और जाम सांवली धाम सबसे प्रमुख केंद्र हैं। कपल्स के लिए भी शांत वादियों में places to visit in Chhindwara for couples के तौर पर कई खूबसूरत सनसेट पॉइंट्स मौजूद हैं।

आपकी 2 दिन की वीकेंड ट्रिप को आसान और यादगार बनाने के लिए, नीचे हमने chhindwara best tourist places की पूरी लिस्ट तैयार की है। इसमें हमने छिंदवाड़ा और आसपास की टॉप 15 सबसे खूबसूरत जगहों को उनकी पूरी डिटेल, फोटो और पहुँचने के रूट के साथ विस्तार से शामिल किया है, ताकि आप आसानी से अपनी पसंद का best place to visit in Chhindwara चुन सकें।

1. पातालकोट घाटी (Patalkot Valley) – रहस्यमयी पाताल लोक

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छिंदवाड़ा के तामिया विकासखंड में स्थित पातालकोट मध्य भारत का सबसे अनोखा प्राकृतिक अजूबा है। यह लगभग 79 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली घोड़े की नाल के आकार की एक अत्यंत गहरी घाटी है, जो जमीन की ऊपरी सतह से लगभग 1200 से 1500 फीट नीचे स्थित है।

  • इतिहास और संस्कृति: यहाँ भारिया और गोंड जनजातियों के 12 से अधिक गांव बसे हुए हैं। यह घाटी चारों तरफ से ऊंची चट्टानी पहाड़ियों से घिरी है, जिसके चलते यहाँ दोपहर के समय भी धूप केवल 2 से 3 घंटे ही टिक पाती है। सदियों तक बाहरी दुनिया से कटे रहने के कारण यहाँ की जनजातियों ने दुर्लभ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का ज्ञान और अपनी पारंपरिक संस्कृति को सुरक्षित रखा है।
  • प्रमुख व्यू पॉइंट्स: रातेड़, चिमटीपुर और कारेआम। चिमटीपुर व्यू पॉइंट से पूरी हरी-भरी घाटी का विहंगम 360-डिग्री नजारा दिखाई देता है।
  • दूरी: छिंदवाड़ा शहर से लगभग 78 किमी।
  • कैसे पहुंचे: छिंदवाड़ा बस स्टैंड से तामिया के लिए नियमित बसें उपलब्ध हैं (दूरी 55 किमी)। तामिया से रातेड़ या चिमटीपुर व्यू पॉइंट (20 किमी) के लिए पक्की सड़क है, जहाँ आप निजी बाइक, कार या लोकल टैक्सी से आसानी से पहुंच सकते हैं।

2. तामिया हिल्स (Tamia Hills) – छिंदवाड़ा का खूबसूरत हिल स्टेशन

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सतपुड़ा की पर्वत श्रृंखलाओं में समुद्र तल से लगभग 3,765 फीट की ऊंचाई पर बसा तामिया छिंदवाड़ा का सबसे प्रमुख और मनमोहक हिल स्टेशन है।

  • खासियत: घने चीड़, साल और सागौन के जंगलों से घिरा यह क्षेत्र पूरे साल ठंडी और ताजगी भरी हवाओं के लिए जाना जाता है। यहाँ पहाड़ी के मुहाने पर बना ब्रिटिश कालीन रेस्ट हाउस सबसे प्रमुख आकर्षण है, जहाँ से नीचे फैली सतपुड़ा की गहरी घाटियां और अनंत तक फैला जंगल दिखाई देता है।
  • सनसेट पॉइंट: तामिया का सनसेट व्यू पॉइंट फोटोग्राफी और कपल्स के लिए सबसे शांत और रोमांटिक जगह है। यहाँ बादलों का तैरना और ढलते सूरज की लालिमा अद्भुत दृश्य बनाते हैं।
  • दूरी: छिंदवाड़ा मुख्य शहर से लगभग 55 किमी।
  • कैसे पहुंचे: छिंदवाड़ा से परासिया होकर तामिया के लिए स्टेट हाईवे बेहतरीन स्थिति में है। छिंदवाड़ा बस स्टैंड से हर आधे घंटे में तामिया के लिए बसें और शेयरिंग गाड़ियाँ चलती हैं।

3. सिमरिया हनुमान मंदिर (Simariya Hanuman Mandir)

छिंदवाड़ा-नागपुर नेशनल हाईवे (NH-547) पर स्थित सिमरिया हनुमान मंदिर जिले का सबसे बड़ा, भव्य और आधुनिक धार्मिक स्थल है।

  • 101 फीट ऊंची प्रतिमा: मंदिर की मुख्य पहचान यहाँ खुले प्रांगण में स्थापित भगवान श्री हनुमान जी की 101 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा है। यह प्रतिमा इतनी भव्य है कि हाईवे पर चलते हुए कई किलोमीटर पहले से ही स्पष्ट नज़र आने लगती है।
  • परिसर का आकर्षण: मंदिर परिसर बेहद विशाल, साफ-सुथरा और सुंदर बगीचों से सजा हुआ है। शाम के समय जब विशेष रंग-बिरंगी लाइटिंग जलती है, तो हनुमान जी की प्रतिमा का स्वरूप अत्यंत अलौकिक दिखता है। मंगलवार और शनिवार को यहाँ भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
  • दूरी: छिंदवाड़ा शहर से मात्र 16 किमी (नागपुर रोड)।
  • कैसे पहुंचे: छिंदवाड़ा शहर से नागपुर या सौसर की ओर जाने वाली किसी भी बस, लोकल ऑटो या निजी वाहन से केवल 20 से 25 मिनट में मंदिर के प्रवेश द्वार तक सीधे पहुंचा जा सकता है।

4. देवगढ़ का ऐतिहासिक किला (Deogarh Fort)

गोंडवाना साम्राज्य के गौरवशाली इतिहास और प्राचीन वास्तुकला को देखने के लिए देवगढ़ का किला सबसे बेहतरीन ऐतिहासिक धरोहर है।

  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: 16वीं और 17वीं शताब्दी में यह किला प्रतापी गोंड राजाओं की मुख्य राजधानी हुआ करता था। इसे गोंड राजा जाटव (Raja Jatba) ने सुरक्षा की दृष्टि से एक ऊंची पहाड़ी पर बनवाया था।
  • वास्तुकला और अवशेष: किले के भीतर विशाल प्रवेश द्वार, नक्कारखाना, रानियों के महल, पुरानी तोपें और ‘मोती टांका’ (चट्टानों को काटकर बनाया गया विशाल प्राकृतिक जल कुंड) आज भी सुरक्षित हैं। यह प्राचीन जल प्रबंधन प्रणाली का बेहतरीन नमूना है।
  • दूरी: छिंदवाड़ा शहर से लगभग 42 किमी (मोहखेड़ ब्लॉक में)।
  • कैसे पहुंचे: छिंदवाड़ा से मोहखेड़ होकर देवगढ़ तक पक्की सड़क जाती है। मोहखेड़ तक बस सेवा उपलब्ध है, जिसके आगे किले की तलहटी तक जाने के लिए ऑटो या निजी साधन (कार/बाइक) सबसे बेहतर विकल्प है।

5. पेंच नेशनल पार्क (Pench National Park)

रुडयार्ड किपलिंग की विश्व प्रसिद्ध कालजयी रचना ‘द जंगल बुक’ (The Jungle Book) और प्रसिद्ध चरित्र ‘मोगली’ की कहानियों की वास्तविक जन्मस्थली पेंच टाइगर रिजर्व है। यह पार्क छिंदवाड़ा और सिवनी जिले की सीमा में फैला हुआ है।

  • वाइल्डलाइफ और सफारी: पेंच मुख्य रूप से रॉयल बंगाल टाइगर, तेंदुए, गौर (भारतीय बाइसन), चीतल, सांभर, लंगूर और पक्षियों की 300 से अधिक प्रजातियों का प्राकृतिक घर है। यहाँ खुली 4×4 जिप्सी में जंगल सफारी करना वाइल्डलाइफ और एडवेंचर पसंद दोस्तों के लिए सबसे रोमांचक अनुभव होता है।
  • दूरी: छिंदवाड़ा शहर से लगभग 85 से 100 किमी (सिली गेट/टूरिया गेट)।
  • कैसे पहुंचे: छिंदवाड़ा से चौरई-सिवनी मार्ग या नागपुर मार्ग से पेंच के विभिन्न सफारी गेट्स तक सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है। इसके लिए छिंदवाड़ा से प्राइवेट टैक्सी या खुद की कार बुक करना सबसे आसान रहता है।


6. छोटा महादेव (Chhota Mahadev, Tamia) – प्राकृतिक गुफा मंदिर

छोटा महादेव भोपाली की पवित्र गुफा से निकलती है जलधारा

सतपुड़ा की सुरम्य वादियों और तामिया के घने जंगलों के बीच एक प्राकृतिक चट्टानी गुफा में भगवान शिव का यह प्राचीन मंदिर स्थित है।

  • धार्मिक व प्राकृतिक महत्व: इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि गुफा की पथरीली छत से पूरे 12 महीने प्राकृतिक रूप से जलधारा टपकती रहती है, जो सीधे शिवलिंग का अभिषेक करती है। पास ही लगभग 35 फीट ऊंचा छोटा महादेव झरना बहता है। बारिश और सर्दियों में यहाँ का वातावरण बेहद शांत और सुकून देने वाला होता है।
  • दूरी: छिंदवाड़ा शहर से लगभग 58 किमी (तामिया रेस्टहाउस से लगभग 2 किमी नीचे)।
  • कैसे पहुंचे: छिंदवाड़ा से बस या कार द्वारा पहले तामिया पहुंचें। तामिया रेस्टहाउस के पास से वन विभाग द्वारा बनाई गई पक्की सीढ़ियों से नीचे उतरकर पैदल गुफा तक जाया जाता है।

7. कुकड़ी खापा जलप्रपात (Kukdi Khapa Waterfall) – मनमोहक पिकनिक स्पॉट

Kukadi Khapa Waterfall (कु़कड़ी खापा जलप्रपात) मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में स्थित एक सुंदर प्राकृतिक झरना है। यह लगभग 60 फीट की ऊँचाई से गिरता है ...

सिललेवानी पर्वत श्रृंखला और जंगलों के बीच स्थित कुकड़ी खापा छिंदवाड़ा जिले का सबसे खूबसूरत मौसमी झरना है।

  • खासियत: लगभग 60 फीट की ऊंचाई से गिरती पानी की सफेद धार और चारों तरफ फैली हरी-भरी चट्टानी पहाड़ियाँ इसे मानसून के समय पिकनिक और आउटडोर फोटोग्राफी के लिए सबसे लोकप्रिय बनाती हैं। पानी यहाँ दो चरणों में नीचे गिरता है।
  • दूरी: छिंदवाड़ा शहर से लगभग 33 से 35 किमी (उमरानाला-रामाकोना के बीच)।
  • कैसे पहुंचे: छिंदवाड़ा-नागपुर हाईवे (NH-547) पर उमरानाला के पास लास/बिछुआ गांव से मुड़कर लगभग 8 किमी अंदर ग्रामीण सड़क के जरिए बाइक या कार से आसानी से झरने तक पहुंचा जा सकता है।

8. लीलाही जलप्रपात (Lilahi Waterfall) – कन्हान नदी का मनमोहक रूप

Lilahi Dhuadhar Dhanora Waterfall in Jamghat,Pandhurna - Best Tourist Attraction near me in Pandhurna - Justdial

कन्हान नदी पर स्थित लीलाही जलप्रपात (स्थानीय नाम ‘धनोरा फॉल्स’) छिंदवाड़ा जिले का सबसे बड़ा और चौड़ा प्राकृतिक झरना है।

  • खासियत: कन्हान नदी जब नारायण घाट और धनोरा के पास नीचे उतरती है, तो यह जलप्रपात बेहद मनोरम दृश्य बनाता है। बारिश के दिनों में पत्थरों के बीच से नीचे गिरता पानी दूधिया झाग की तरह दिखाई देता है।
  • दूरी: छिंदवाड़ा मुख्य शहर से लगभग 45 से 50 किमी।
  • कैसे पहुंचे: छिंदवाड़ा से मोहखेड़ और देवगढ़ होते हुए पांढुरना मार्ग पर धनोरा गांव के पास इस झरने तक निजी कार, बाइक या टैक्सी से आसानी से पहुंचा जा सकता है।

9. श्री बादल भोई राज्य जनजातीय संग्रहालय (Tribal Museum)

बादलभोई आदिवासी संग्रहालय बादल भोई आदिवासी संग्रहालय छिंदवाड़ा में स्थित  है। इस जनजातीय संग्रहालय की शुरूआत 20 अप्रैल 1954 ई. में हुई थी। 1975 ...

छिंदवाड़ा शहर में स्थित यह राज्य स्तरीय संग्रहालय मध्य प्रदेश की समृद्ध जनजातीय विरासत और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का गौरवशाली केंद्र है।

  • सांस्कृतिक धरोहर: यहाँ गोंड, भारिया, बैगा और कोरकू जनजातियों के पारंपरिक वस्त्र, आभूषण, शिकार व खेती के उपकरण, पारंपरिक संगीत वाद्ययंत्र और दुर्लभ कलाकृतियां बहुत सुंदरता से प्रदर्शित की गई हैं।
  • दूरी: छिंदवाड़ा रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से मात्र 2 किमी।
  • समय: सुबह 11:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक (सोमवार को बंद रहता है)।
  • कैसे पहुंचे: शहर में कहीं से भी लोकल ऑटो, ई-रिक्शा या पैदल ही इस संग्रहालय तक पहुँचा जा सकता है।

10. अनहोनी – गर्म पानी का प्राकृतिक कुंड (Anhoni Hot Springs)

Anhoni Temple नेचुरल हॉट वाटर टैंक पचमढ़ी | Sohagpur Hoshangabad

अनहोनी गांव में स्थित यह स्थल प्रकृति का एक दुर्लभ और वैज्ञानिक अजूबा है, जहाँ जमीन से लगातार प्राकृतिक गर्म पानी निकलता है।

  • औषधीय व धार्मिक महत्व: इस कुंड के पानी में प्राकृतिक रूप से गंधक (सल्फर) की मात्रा पाई जाती है। मान्यता है कि इसमें स्नान करने से चर्म रोग और त्वचा के विकारों में राहत मिलती है। मकर संक्रांति के अवसर पर यहाँ बड़ा मेला भरता है।
  • दूरी: छिंदवाड़ा शहर से लगभग 80 किमी।
  • कैसे पहुंचे: छिंदवाड़ा से तामिया होकर झिरपा मार्ग से अनहोनी गांव तक पक्की सड़क जाती है। तामिया से इसके लिए लोकल बस या टैक्सी की सुविधा आसानी से मिल जाती है।

यहाँ छिंदवाड़ा की 11 से 15 तक की सभी जगहों की पूरी डिटेल्ड जानकारी, पहुँचने का सटीक रूट और उनकी तस्वीरें दी गई हैं:

11. जाम सांवली हनुमान मंदिर (Jam Sanwli Mandir, Sausar)

Jamsavli Hanuman Ji

छिंदवाड़ा जिले की सौसर तहसील के पास स्थित जाम सांवली धाम पूरे मध्य भारत में श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है।

  • शयन मुद्रा की प्रतिमा: यहाँ भगवान हनुमान जी की प्रतिमा खड़ी या बैठी अवस्था में नहीं, बल्कि एक विशाल पीपल के पेड़ की छांव में शयन मुद्रा (विश्राम अवस्था) में स्थापित है।
  • धार्मिक मान्यता: मान्यता है कि यहाँ हनुमान जी की नाभि से निरंतर पवित्र जल निकलता रहता है, जिसे ग्रहण करने से शारीरिक और मानसिक कष्टों से राहत मिलती है।
  • दूरी: छिंदवाड़ा शहर से लगभग 65 किमी (नागपुर-छिंदवाड़ा मार्ग पर)।
  • कैसे पहुंचे: छिंदवाड़ा बस स्टैंड से सौसर के लिए नियमित बसें चलती हैं। सौसर पहुंचकर लोकल ऑटो या शेयरिंग टैक्सी से 10 मिनट में जाम सांवली मंदिर परिसर तक आसानी से पहुँचा जा सकता है।

12. हिंगलाज माता मंदिर (Hinglaj Mata Mandir, Ambada)

परासिया कोयलांचल क्षेत्र के अंबाड़ा (मोहन कोलरी) में स्थित हिंगलाज माता मंदिर स्थानीय श्रद्धालुओं का एक बड़ा शक्तिपीठ है।हिंगलाज माता शक्तिपीठ, AI generated

हिंगलाज माता शक्तिपीठ. Source: Wikipedia

  • धार्मिक महत्व: इसे पाकिस्तान के बलूचिस्तान में स्थित मूल हिंगलाज भवानी शक्तिपीठ की प्रतिरूप शाखा माना जाता है।
  • मेला और ज्योत कलश: चैत्र और शारदीय नवरात्रि के समय यहाँ हजारों की संख्या में अखंड मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित किए जाते हैं। इस दौरान लगने वाले मेले में छिंदवाड़ा और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
  • दूरी: छिंदवाड़ा के मुख्य शहर से लगभग 35 किमी (परासिया के पास)।
  • कैसे पहुंचे: छिंदवाड़ा से परासिया के लिए नियमित बसें और ट्रेनें चलती हैं। परासिया पहुंचकर अंबाड़ा मार्ग के लिए लोकल ऑटो या बस से मंदिर के मुख्य द्वार तक पहुँचा जा सकता है।

13. पातालेश्वर महादेव मंदिर (Pataleshwar Mandir, Chhindwara)

छिंदवाड़ा शहर के भीतर स्थित पातालेश्वर धाम लगभग 250 वर्ष पुराना ऐतिहासिक और सिद्ध शिव मंदिर है।पातालेश्वर महादेव मंदिर (प्राचीन शिवलिंग), AI generated

पातालेश्वर महादेव मंदिर (प्राचीन शिवलिंग). Source: Wikipedia

  • पाताल से प्रकटीकरण: मान्यता के अनुसार गोस्वामी संप्रदाय के नागा संत गंगागिरी बाबा के स्वप्न के बाद खुदाई करने पर यह भूरे रंग का स्वयंभू शिवलिंग प्रकट हुआ था।
  • अनोखा जलकुंड: मंदिर का शिवलिंग एक गहरे प्राकृतिक जलकुंड के भीतर स्थापित है। परिसर में 100 वर्ष से भी अधिक पुराना पीपल का वृक्ष है, जिसके तने से नीम का पेड़ निकला हुआ है। महाशिवरात्रि पर यहाँ विशाल मेला लगता है।
  • दूरी: छिंदवाड़ा रेलवे स्टेशन से मात्र 1.5 किमी।
  • कैसे पहुंचे: शहर के मुख्य बाजार से ई-रिक्शा या ऑटो लेकर 5 मिनट में सीधे मंदिर तक जाया जा सकता है।

14. जुन्नारदेव पहली पायरी व हिल्स (Junnardeo Hills)

सतपुड़ा के पठार पर स्थित जुन्नारदेव अपनी सर्पीली पहाड़ी सड़कों, घने जंगलों और धार्मिक आस्था के लिए प्रसिद्ध है।सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला (जुन्नारदेव क्षेत्र), AI generated

सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला (जुन्नारदेव क्षेत्र). Source: Satpura Tiger Reserve

  • पहली पायरी का महत्व: जुन्नारदेव में स्थित ‘पहली पायरी’ धाम पचमढ़ी नागद्वारी यात्रा का पहला और अत्यंत पवित्र पड़ाव माना जाता है। सावन के महीने में यहाँ लाखों शिवभक्त दर्शन करने पहुंचते हैं।
  • रोड ट्रिप और मौसम: मॉनसून और सर्दियों में जुन्नारदेव के घुमावदार पहाड़ी रास्ते बाइक राइडर्स और फोटोग्राफी लवर्स के लिए सबसे बेहतरीन रूट माने जाते हैं।
  • दूरी: छिंदवाड़ा से लगभग 50 किमी।
  • कैसे पहुंचे: छिंदवाड़ा से परासिया होते हुए जुन्नारदेव के लिए सीधी बसें और ट्रेनें उपलब्ध हैं।

15. छोटा तालाब – सुभाष पार्क (Chhota Talab, Chhindwara)

छिंदवाड़ा के छोटा तालाब ( टापू ) की एक मनमोहक तस्वीर

छिंदवाड़ा शहर के बीचों-बीच स्थित छोटा तालाब (सुभाष पार्क) शाम की वॉक और शांत समय बिताने के लिए सबसे लोकप्रिय जगह है।

  • इतिहास और आकर्षण: पूर्व में ‘अश्वरनाल तालाब’ के नाम से पहचाने जाने वाले इस स्थान को विकसित कर सुभाष पार्क बनाया गया है। यहाँ जॉगिंग ट्रैक, ओपन जिम, बच्चों के लिए झूले और बोटिंग की सुविधा है।
  • स्ट्रीट फूड: छोटा तालाब के पास ही शहर का प्रमुख फव्वारा चौक है, जहाँ शाम को छिंदवाड़ा का प्रसिद्ध भुट्टे का कीस, समोसा और स्थानीय मिठाइयाँ मिलती हैं।
  • दूरी: छिंदवाड़ा रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से लगभग 1 किमी।
  • कैसे पहुंचे: शहर में कहीं से भी ई-रिक्शा, ऑटो या पैदल ही 5 मिनट में आसानी से पहुंचा जा सकता है।

अगर आप छिंदवाड़ा के ऐतिहासिक शिव मंदिर के दर्शन और इसके 250 साल पुराने इतिहास को वीडियो के जरिए देखना चाहते हैं, तो Shri Pataleshwar Dham Shiva Temple Chhindwara देख सकते हैं। यह वीडियो पातालेश्वर धाम की खुदाई, स्वयंभू शिवलिंग और मंदिर के इतिहास को प्रत्यक्ष रूप से समझाता है।

छिंदवाड़ा ट्रिप का बजट (Estimated Trip Budget for 2 Days)

छिंदवाड़ा एक बेहद बजट-फ्रेंडली डेस्टिनेशन है। 2 दिन की ट्रिप के लिए प्रति व्यक्ति अनुमानित खर्च:

खर्च का प्रकारबजट ट्रैवलर (प्रति व्यक्ति)प्रीमियम / फैमिली (प्रति व्यक्ति)
होटल / स्टे (1 रात)₹800 – ₹1,200₹2,500 – ₹4,000
लोकल ट्रांसपोर्ट (बस/बाइक/कैब)₹500 – ₹800 (बस/शेयरिंग)₹2,000 – ₹3,500 (प्राइवेट टैक्सी)
खाना-पीना (2 दिन)₹500 – ₹800₹1,200 – ₹2,000
एंट्री व अन्य खर्च₹100 – ₹200₹500 (सफारी शुल्क अलग)
कुल अनुमानित खर्च₹2,000 – ₹3,000₹6,000 – ₹9,500

छिंदवाड़ा में कहाँ रुकें? (Where to Stay in Chhindwara)

  • छिंदवाड़ा शहर में: शहर के रेलवे स्टेशन रोड, फव्वारा चौक और परासिया रोड पर ₹800 से लेकर ₹3,500 प्रति रात के बजट में कई बेहतरीन बजट और 3-स्टार होटल्स उपलब्ध हैं। अगर आपको सुबह जल्दी सिमरिया या देवगढ़ निकलना है तो शहर में रुकना सबसे सुविधाजनक है।
  • तामिया / पातालकोट के पास: अगर आपको प्रकृति के बीच रिसॉर्ट का अनुभव चाहिए, तो तामिया में MP Tourism का ‘होटल हाइलैंड्स’ (Tamia Resort) सबसे शानदार जगह है। इसके अलावा तामिया और झिरपा के पास प्राइवेट कॉटेज और होमस्टे भी उपलब्ध हैं।

छिंदवाड़ा घूमने के जरूरी टिप्स (Travel Tips for Tourists)

  • पातालकोट ट्रैकिंग टिप्स: पातालकोट घाटी नीचे उतरते समय अच्छी ग्रिप वाले स्पोर्ट्स शूज पहनें। पानी की बोतल, ग्लूकोज और फर्स्ट-एड किट साथ रखें। शाम 4:30 बजे से पहले घाटी से ऊपर लौटने की शुरुआत कर दें।
  • लोकल गाइड की मदद: अगर आप पहली बार पातालकोट के गांवों (जैसे रातेड़ या कारेआम) में अंदर तक जा रहे हैं, तो किसी स्थानीय भारिया गाइड की मदद जरूर लें।
  • मौसम के कपड़े: सर्दियों (नवंबर से फरवरी) में तामिया और पातालकोट में कड़ाके की ठंड पड़ती है, इसलिए गर्म जैकेट साथ रखें। मॉनसून में रेनकोट और वॉटरप्रूफ बैग जरूरी हैं।
  • कैश साथ रखें: तामिया और पातालकोट की अंदरूनी घाटियों में ऑनलाइन पेमेंट (UPI) का नेटवर्क कमजोर हो सकता है, इसलिए पर्याप्त कैश साथ रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Top 5 FAQs)

Q1. छिंदवाड़ा घूमने का सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit) कौन सा है?

उत्तर: छिंदवाड़ा घूमने का सबसे अच्छा समय जुलाई से फरवरी के बीच होता है। मॉनसून (जुलाई-सितंबर) में झरने और पहाड़ियाँ हरी-भरी रहती हैं, जबकि सर्दियों (अक्टूबर-फरवरी) में मौसम बेहद सुहावना और ट्रैकिंग के अनुकूल रहता है।

Q2. क्या पातालकोट की घाटी में कार से नीचे जा सकते हैं?

उत्तर: नहीं, पातालकोट के मुख्य व्यू पॉइंट्स (रातेड़, चिमटीपुर) तक ही पक्की सड़क और गाड़ियाँ जाती हैं। पूरी घाटी के सबसे निचले तल तक जाने के लिए पैदल सीढ़ियों और पथरीले रास्तों से ट्रैकिंग करनी होती है।

Q3. छिंदवाड़ा का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट कौन सा है?

उत्तर: मुख्य रेलवे स्टेशन छिंदवाड़ा जंक्शन (CWA) ही है। सबसे नजदीकी हवाई अड्डा नागपुर (डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा) है, जो छिंदवाड़ा से लगभग 125 किमी दूर है।

Q4. छिंदवाड़ा की सबसे मशहूर मिठाई और स्ट्रीट फूड क्या है?

उत्तर: छिंदवाड़ा का सबसे लोकप्रिय स्ट्रीट फूड भुट्टे का कीस और समोसा-जलेबी है। इसके अलावा यहाँ की संतरा बर्फी और मावा बाटी काफी प्रसिद्ध हैं।

Q5. क्या छिंदवाड़ा कपल्स और परिवारों के लिए सुरक्षित है?

उत्तर: जी हाँ, छिंदवाड़ा एक बेहद शांत, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल शहर है। तामिया और सिमरिया जैसे स्थल कपल्स और फैमिली ट्रिप के लिए पूरी तरह सुरक्षित और आरामदायक हैं।

Our Opinion

छिंदवाड़ा सिर्फ नक्शे पर बना कोई आम जिला नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, इतिहास, आध्यात्म और जनजातीय संस्कृति का एक ऐसा अनूठा संगम है जो हर किसी को अपनी ओर खींच लेता है। पातालकोट की रहस्यमयी हवाओं से लेकर तामिया के ढलते सूरज की लालिमा तक, और सिमरिया के पावन प्रांगण से लेकर देवगढ़ किले के पत्थरों में दफन इतिहास तक—यहाँ का हर कोना आपको एक नई कहानी सुनाता है।

अगर आप लंबे समय से किसी शांत, बजट-फ्रेंडली और अछूती जगह पर ट्रिप का प्लान बना रहे थे, तो अब सोचने का समय खत्म हुआ। अपने दोस्तों का ग्रुप बनाइए, फैमिली के साथ तारीख तय कीजिए और निकल पड़िए छिंदवाड़ा की हसीन वादियों में एक यादगार सफर पर। यहाँ का मौसम, यहाँ के सीधे-सादे लोग और गरमा-गरम भुट्टे के कीस का स्वाद आपके इस सफर को जिंदगी भर के लिए यादगार बना देगा।

अब आपकी बारी (Join the Conversation):

  • क्या आप पहले कभी छिंदवाड़ा आए हैं? इन 15 जगहों में से आपकी सबसे पसंदीदा जगह कौन सी है?
  • या फिर इस वीकेंड आप सबसे पहले पातालकोट की ट्रैकिंग करेंगे या तामिया की ठंडी हवाओं का आनंद लेंगे?

नीचे कमेंट बॉक्स में अपने विचार और ट्रैवल अनुभव जरूर शेयर करें! अगर आपको यह ट्रैवल गाइड मददगार लगी हो, तो इसे अपने उन घुमक्कड़ दोस्तों और फैमिली ग्रुप्स के साथ WhatsApp और सोशल मीडिया पर शेयर करना बिल्कुल न भूलें जो एक शानदार रोड ट्रिप का प्लान बना रहे हैं। हैप्पी जर्नी!

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